मैक्सीजोन टच घोटाले का नया मामला : गोविंदा, शक्ति कपूर, मनोज तिवारी समेत कई नामजद, FIR दर्ज

जमशेदपुर: गाजियाबाद स्थित कंपनी मैक्सीजोन टच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 3000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर जमशेदपुर के साकची थाने में एक नई धोखाधड़ी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा, शक्ति कपूर, चंकी पांडे, रजा मुराद, भोजपुरी गायक एवं सांसद मनोज तिवारी के साथ ही कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह और परसुडीह निवासी सूर्य नारायण पात्रो को नामजद किया गया है।

प्राथमिकी बर्मामाइंस ईस्ट प्लांट बस्ती निवासी जसपाल सिंह और टेल्को कॉलोनी निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी द्वारा दिए गए उच्च ब्याज (प्रति माह 15 प्रतिशत) के लालच में लगभग 8 लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी ने जमशेदपुर के साकची क्षेत्र (काशीडीह) में स्थित अपने कार्यालय को अचानक बंद कर दिया और कर्मचारी फरार हो गए। जनवरी 2022 के बाद कंपनी ने निवेशकों को ब्याज का भुगतान पूरी तरह रोक दिया।

कंपनी की ठगी की रणनीति शिकायत के अनुसार, कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए न्यूनतम 1 लाख रुपये के निवेश पर 15% मासिक ब्याज देने का प्रलोभन दिया। विश्वास जीतने के लिए उसके कार्यक्रमों में नामी फिल्मी सितारे और कलाकारों को बुलाया जाता था। झारखंड में कुल निवेश की राशि करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि केवल जमशेदपुर शहर से ही 10 हजार से अधिक निवेशकों ने 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया था। धोखाधड़ी का यह मामला मुख्य रूप से सितंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच का है।

पिछले मामले और गिरफ्तारियां यह कंपनी पहले से ही विवादों में रही है। वर्ष 2022 में भी साकची थाने में इसी कंपनी और जुड़े कलाकारों-निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं। कंपनी के खिलाफ जमशेदपुर में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। निदेशक दंपति चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह (बिहार के वैशाली जिले के निवासी) वर्तमान में रांची जेल में बंद हैं। उन्हें पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। इससे पहले वे जमशेदपुर जेल में थे।

ईडी की जांच भी जारी मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रही है। दिसंबर 2025 में ED ने चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह को 307 करोड़ रुपये के मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि कंपनी ने 21 से अधिक बैंक खातों के माध्यम से अनधिकृत जमा राशि एकत्र की और फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर तीन साल तक फरार रही। साकची थाना प्रभारी आसंद मिश्रा ने बताया कि न्यायालय में दर्ज परिवाद के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।

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