बच्चे बने रोड सेफ्टी एंबेसडर : जीपीएस भजनपुर में परिवहन विभाग की अनोखी पहल

छोटे कदम… बड़ी सीख: जीपीएस भजनपुर में हुआ रोड सेफ्टी का दमदार सत्र

चम्पावत : जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार परिवहन विभाग चम्पावत द्वारा जनसामान्य में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत जीपीएस भजनपुर, टनकपुर में एक विस्तृत एवं इंटरैक्टिव रोड सेफ्टी जागरूकता एवं संवेदनशीलता सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) श्री मनोज बगोरिया ने किया। परिवहन विभाग की टीम ने बच्चों को सड़क सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों, दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सुरक्षित यातायात व्यवहारों तथा दुर्घटनाओं से बचाव संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी सरल एवं रोचक तरीके से प्रदान की।

सत्र के दौरान बच्चों को ट्रैफिक नियमों का महत्व, विभिन्न यातायात संकेतों का अर्थ, सड़क पर सुरक्षित चलने और दाएं-बाएं देखकर आगे बढ़ने की आदत, ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर सुरक्षित तरीके से सड़क पार करना, हेलमेट एवं सीट बेल्ट पहनने की अनिवार्यता, तेज गति, मोबाइल प्रयोग तथा अन्य ध्यान भंग करने वाले कारणों से होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से दी गईं। बच्चों को विद्यालय आने-जाने के दौरान अपनाई जाने वाली विशेष सावधानियों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

सत्र में विद्यार्थियों का उत्साह, जिज्ञासा और सक्रिय भागीदारी अत्यंत सराहनीय रही। बच्चों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा अनेक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछकर अपनी समझ का परिचय दिया। शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ की सक्रिय उपस्थिति और सहयोग ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं परिणामकारी बनाया।

एआरटीओ मनोज बगोरिया ने बताया कि यह जागरूकता कार्यक्रम इस तथ्य को मजबूत करता है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं हैं, बल्कि जिम्मेदार, सतर्क और नियमों का पालन करने वाले भविष्य के नागरिक तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा निरंतर चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रम बच्चों को कम उम्र में ही सड़क सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो आने वाले समय में सुरक्षित यातायात संस्कृति के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी जनपद के विभिन्न विद्यालयों में इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके और सुरक्षित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

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