वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन

महाराष्ट्र के लातूर में आज सुबह वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज विश्वनाथ पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। सुबह करीब 6:30 बजे लातूर स्थित उनके निवास “देवगिरि” में उन्होंने अंतिम सांस ली। कांग्रेस पार्टी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अनुशासित, शालीन और सिद्धांतवादी नेता बताया।

शिवराज पाटिल (पूर्ण नाम: शिवराज विश्वनाथ पाटिल चाकुरकर) कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष (1991-1996), केंद्रीय गृह मंत्री (2004-2008), रक्षा मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे लातूर लोकसभा क्षेत्र से सात बार (1980 से 2004 तक लगातार) सांसद चुने गए थे। इससे पहले 1972 से 1980 तक लातूर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे।

2008 मुंबई आतंकी हमले और इस्तीफा

26/11 मुंबई आतंकी हमले के समय शिवराज पाटिल देश के गृह मंत्री थे। हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर तीव्र आलोचना हुई। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वे 2010 से 2015 तक पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक भी रहे।

पारिवारिक जानकारी

उनके परिवार में पुत्र शैलेश पाटिल, पुत्रवधू अर्चना पाटिल (जो पिछले साल लातूर शहर विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के अमित देशमुख के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं) तथा दो पोतियां हैं।

अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार शनिवार को लातूर में होने की संभावना है। निधन की खबर फैलते ही उनके निवास “देवगिरि” पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। पुलिस व्यवस्था बनाए हुए है।

राजनीतिक जीवन की मुख्य उपलब्धियां

  • जन्म: महाराष्ट्र के लातूर जिले में
  • 1972-1980: महाराष्ट्र विधानसभा में लातूर ग्रामीण से विधायक
  • 1980-2004: लातूर लोकसभा क्षेत्र से सात बार सांसद
  • इंदिरा गांधी सरकार में राज्य मंत्री (रक्षा)
  • राजीव गांधी सरकार में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री
  • 10वीं लोकसभा के अध्यक्ष (1991-96); संसद में आधुनिक तकनीक एवं कंप्यूटरीकरण की शुरुआत का श्रेय
  • यूपीए-1 सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री (2004-2008)
  • पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक (2010-2015)

 

More From Author

उत्तराखंड में तेजी से गिर रहा तापमान, अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक, विभिन्न विभागों के प्रस्तावों की संस्तुति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts